ब्राह्मण जागरुकता गीत

ब़ाह्मण से ब़ाह्मण को जोडो़
यह अभियान चलाना है
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत
परिषद सुद्भण बनाना है

भेदभाव आपस के छोडो़
मन मुटाव सब दूर करो
आओ गले लगालें सबको
इतना काम जरुर करो
एक एक ग्यारह बन कर के
शक्ति हमें दिखाना है
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत
पार्षद सुद्भण बनाना है–1

भाई का अपने भाई से
ऐसा भाई चारा हो
दुख सुख में हो भागीदारी
किसी से नही किनारा हो
चलो करें रोशन अब सबको
घर घर दीप जलाना है
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत
परिषद सुद्रण बनाना है —-2

उत्कल गिरी सनाढ्य ब्राह्मण
सारस्वत सरयुपारी
अय्यर मैथिल और पहाड़ी
कान्यकुब्ज भूमिहारी
कान्यकुब्ज सरयूपारी का
मिलकर भेद मिटाना है
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता
परिषद सुद्भण बनाना है—-3

अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत
परिषद से बस जुडना है
पंख लगाकर के ताकत के
आसमान में उड़ना है
गिरे हुए अपने भाई को
भैया गले लगाना है
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत
मिलकर सुदृढ़ बनाना है ——4

धर्म संस्कृति जौन पुरानी
उसको भी अपनना है
सर पर चोटी तन पर धोती
मस्तिक तिलक लगाना है
करें जनेऊ धारण विप्रो
इसको नहीं भुलाना है
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत
परिषद सुद्भण बनाना है—5

कोई बड़ा न कोई छोटा
सभी ब्राह्मण अच्छे हैं
एक बात को याद रखो
हम ब्राह्मण के बच्चे हैं
सी बी त्रिपाठी आप सभी को
बस इतना समझाना है
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत
‌‌परिषद सुद्रण बनाना है —*6

    ‌‌   रचनाकार 

पंडित सी बी त्रिपाठी नौगांव
प्रदेश अध्यक्ष
अखिल भारतीय ब्राह्मण एकीकृत परिषद
मध्य प्रदेश

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