"ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय | धीमहि तन्नः परशुराम: प्रचोदयात् ||"

हमारा कार्य

शिक्षा, रोज़गार, सामाजिक सेवा, संस्कृति और सशक्तिकरण — पाँच क्षेत्रों में परिषद् का निरंतर कार्य।