"ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय | धीमहि तन्नः परशुराम: प्रचोदयात् ||"

हमारा कार्य
संस्कृति व विरासत

संस्कृति व विरासत

संस्कार, पर्व, वेद-पाठशाला और धरोहर संरक्षण।

हम क्या करते हैं

  • वेद-पाठशाला एवं संस्कृत अध्ययन को प्रोत्साहन
  • षोडश संस्कारों का प्रशिक्षण व आयोजन
  • परशुराम जयंती एवं पर्व आयोजन
  • प्राचीन मंदिरों व अभिलेखों का संरक्षण